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ऋषिकेश। शरद पूर्णिमा के अवसर पर ऋषिकेश में मधुबन आश्रम की ओर से भव्य भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन बड़ी धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ किया गया। यात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे मार्ग में हरे कृष्णा, हरे राम की मनमोहक धुनों पर भक्त झूमते और नाचते-गाते नज़र आए।
जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ मधुबन आश्रम के स्वामी परमानंद महाराज ने भगवान के जयकारों के साथ किया। मधुबन आश्रम से शुरू होकर यह रथ यात्रा लक्ष्मण झूला रोड से होते हुए रेलवे रोड स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के पूरे मार्ग में शहरवासियों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया तथा शीश झुकाकर पूजा-अर्चना की। स्वामी परमानंद दास के मुताबिक शरद पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं और श्रद्धालुओं को दर्शन देकर कृतार्थ करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को रस्सी से खींचता है, वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। इस वर्ष आयोजित रथ यात्रा का विशेष आकर्षण उत्तराखंड की लोक-संस्कृति रही, जिसकी झलक यात्रा के दौरान साफ दिखाई दी। रथ यात्रा में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के सदस्यों समेत सैकड़ों गणमान्य नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की तथा शहर की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

