Rishikesh: हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगाघाटों से यात्रियों के कपड़े चोरी कर नकदी व अन्य सामान चोरी करने वाले 11 शातिर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। आरोपियों से पुलिस ने एक लाख रूपये की नकदी और 17 मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। सभी आरोपी उत्तरप्रेश के गोंडा जिले के निवासी हैं।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बुधवार को ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगाघाटों से दो यात्रियों के कपड़े के साथ नकदी व अन्य सामान की चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को व्यापारी पंकज गुप्ता निवासी हीरालाल मार्ग, ऋषिकेश ने त्रिवेणीघाट पर गंगा में स्नान करते वक्त लोवर चोरी की शिकायत दी थी, जिसमें 50 हजार रूपये, मोबाइल और अन्य दस्तावेज चोरी की बात कही थी। तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस पहचान के प्रयास में जुटी थी।
पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि यात्रियों के कपड़े चुराने वाले कई लोग नावघाट पर खड़े हैं। तत्काल पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने हरिद्वार में भी एक यात्री की बैग से 50 हजार रूपये और एक घड़ी चोरी की थी। आरोपी यात्रा और पर्यटक सीजन में हर साल गंगाघाटों पर इसी तरह की वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। ज्यादातर एक-दूसरे के रिश्तेदार भी हैं। धरपकड़ में शामिल ऋषिकेश की पुलिस टीम को पांच हजार रूपये का इनाम दिया गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में यह आरोपी
-आरोपियों की पहचान यूपी स्थित गोंडा जिले के राजीव पुत्र स्व. चंद्रलाल, गगन पुत्र नंदलाल और गुरदास पुत्र स्व. सूराज सभी निवासी ग्राम बनकसिया, रमेश पुत्र रघुनंदन निवासी ग्राम पठानपुरा मतवरिया, बद्रीलाल पुत्र स्व. सूर्यलाल, श्रीराम पुत्र स्व. सुधराम और गुड्डू पुत्र स्व. नवादिनी सभी निवासी ग्राम मधेपुर खरहरी, विमल पुत्र स्व. जगदंबा प्रसाद और सुरविंद पुत्र स्व. माता प्रसाद निवासी ग्राम दुल्हापुर, सूरज पुत्र धनीराम निवासी ग्राम मोराड़िया व घनश्याम पुत्र स्व. गोमती प्रसाद निवासी ग्राम बनकसिया के रूप में हुई है।
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उधर यात्रा शुरू, इधर धरपकड़
– गोंडा जिले के शातिर पहली दफा टप्पेबाजी की वारदात को अंजाम नहीं दे रहे हैं। इससे पहले भी वह कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। हालांकि, पुलिस अभीतक आरोपियों को अपराधिक इतिहास खंगाल रही है। खास बात यह है कि चारधाम यात्रा शुरू होते ही देहरादून पुलिस को एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए थे, जिसके चलते पहली घटना प्रकाश में आते ही पुलिस ने तत्परता के साथ महज 24 घंटे बाद ही न सिर्फ एक आरोपी, बल्कि पूरी गैंग को ही दबोच लिया। पूछताछ में यह पता चला कि आरोपियों का यही काम है। वह भीड़भाड़ वाले स्थानों मसलन मंदिर और गंगाघाटों पर ही टप्पेबाजी करते हैं।
