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Rishikesh: ब्रह्मलीन पूज्य महंत अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज की पुण्य स्मृति पर आयोजित श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे उन्होंने श्री भरत मंदिर के दर्शन कर व्यासपीठ पर विराजमान श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ डॉक्टर रामकमल दास वेदांती महाराज का आशीर्वाद लिया।
भरत मंदिर परिसर में आयोजित कथा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि सदैव देवत्व के भाव की है। यहां धर्म, संस्कृति और संस्कारों की गंगा निरंतर बहती रहती है। बोले, धर्म कार्यों में कोई बुलाया नहीं जाता, बल्कि जिस पर भगवान की कृपा होती है, वही ऐसे पावन पवित्र अनुष्ठानों में आते हैं। उन्हीं लोगों को यह सौभाग्य मिलता है, जिनके पुण्य श्रेष्ठ होते है।
इससे पूर्व कथा मर्मज्ञ डॉक्टर रामकमल दास वेदांती महाराज ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि नारद शिष्य ध्रुव ने अटल तपस्या से भगवान का मनमोह लिया, जिससे अपना और अपने परिवार का नाम अक्षय कर लिया। कहा कि वक्ता का चरित्र स्वच्छ होना चाहिए, वहीं श्रोता भगवान के प्रति समर्पित होना चाहिए। वक्ता प्रेरणा का पुंज होना चाहिए। पांडवों के वंशवली का वर्णन करते हुए व्याख्यान में बताया कि जैसा खाओगे अन्न, वैसा ही होगा मन, कथा को आगे बढ़ाते हुए युधिष्ठिर द्वारा प्रश्न प्रसंग का भी उन्होंने सुंदर वर्णन किया।
मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महापौर अनीता ममगाई, श्रीभरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय बड़थ्वाल, विनय उनियाल, मधुसुधन शर्मा, महामंडलेश्वर रामेश्वर दास महाराज, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज परमानंद दास महाराज आदि मौजूद रहे।
