ऋषिकेश। जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेवाल के निर्देशों के पालन में औषधि विभाग की टीम ने मुनिकीरेती पुलिस के सहयोग से शिवपुरी और तपोवन क्षेत्र में दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। चेकिंग अभियान के दौरान कुल आधा दर्जन (छह) मेडिकल स्टोर खंगाले गए, जिससे दवा संचालकों में हड़कंप मच गया।
जांच में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर ‘लक्की मेडिकल स्टोर’ (तपोवन) का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा तीन मेडिकल स्टोर के क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्य कार्रवाइयों का विवरण:
- लक्की मेडिकल स्टोर (तपोवन): निरीक्षण के समय मौके पर कोई फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था। दुकान में भारी गंदगी पाई गई और सीसीटीवी कैमरे भी बंद मिले। इन गंभीर कमियों के चलते लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति भेजी गई है।
- साईं मेडिकल स्टोर (तपोवन): दुकान के अभिलेख (रिकॉर्ड) दुरुस्त न पाए जाने पर खरीद-बिक्री रोक दी गई है।
- हिमाद्री मेडिकल स्टोर (शिवपुरी): अभिलेखों में पाई गई अनियमितताओं के कारण क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है।
दवाओं के सैंपल लैब भेजे गए
औषधि निरीक्षक ऋषभ धामा ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान संदिग्ध दवाओं के चार सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए देहरादून लैब भेजा गया है। लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद यदि दवाएं मानक के अनुरूप नहीं पाई गईं, तो संबंधितों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले दवा कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए औषधि विभाग को आगे भी नियमित रूप से निरीक्षण अभियान जारी रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
