Crime editor@ DN
देहरादून। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महकमे को साल 2025 तक नशा मुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य दिया है। सीएम ने इस मुहिम का नाम ड्रग्स फ्री देवभूमि रखा है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस विभाग के मुखिया डीजीपी अशोक कुमार भी हरकत में आ गए हैं। उन्होंने आला पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बताया कि अवैध नशे की बिक्री पर कार्यवाही नहीं करने वाले कोतवाली, थाना और चौकी प्रभारियों को सस्पेंड किया जाएगा। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का भी जिक्र किया। बताया कि इस फोर्स का गठन राज्य, जनपद और थाना स्तर पर किया गया है। बोले, स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थों की रोकथाम करना थानाध्यक्ष की नैतिक जिम्मदारी है। लिहाजा, राज्य स्तर की टास्क फोर्स किसी थाने क्षेत्र पर जाकर ड्रग्स पकडती है, तो संबंधित थाना प्रभारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। निर्देश दिए कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स में कर्मठ और कार्य के प्रति समर्पित पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए। यह भी बताया कि फोर्स के कार्यों की पुलिस मुख्यालय समय-समय पर समीक्षा भी करेगा।

लगेगी गैंगस्टर, होगी संपत्ति जब्त
देहरादून। डीजीपी अशोक कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वह नशा तस्करी में संलिप्त सौदागरों और माफियाओं को चिन्हित NDPS के साथ गैंगस्टर एक्ट तहत प्रभावी कार्यवाही करें। अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति को भी जब्त की करें। कहां की नशा तस्करी में किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।

