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Rishikesh: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने अब पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर नेट जीरो रणनीति की पहल की है। इसमें निगम ने पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों का विकसित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार से करार किया है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, हाइब्रिड और फ्लोटिंग सौर, पवन के साथ अपतटीय पवन ऊर्जा पर काम करना शामिल है।
निगम के सीएमडी आरके विश्नोई के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। बताया कि इस करार से नियोजित परियोजनाओं में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया (50 केटीपीए), बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) (500
एमडब्ल्यूएच), हाइब्रिड सौर (250 मेगावाट), सौर (500 मेगावाट), फ्लोटिंग सौर (250 मेगावाट), पवन और अपतटीय पवन (500 मेगावाट) और स्व-चिह्नित पीएसपी (2200 मेगावाट) शामिल है।
समझौता ज्ञापन पर निदेशक तकनीकी भूपेंद्र गुप्ता और एमआरईएल के अध्यक्ष डॉ. पी अनबालागन ने हस्ताक्षर किए। निदेशक तकनीकी ने करार में कहा कि देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के प्रति में टीएचडीसीआईएल की दृढ़ प्रतिबद्धता है। यह समझौता ज्ञापन न सिर्फ देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि सतत और नवीकरणीय ऊर्जा विकास के साझा दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का होगा उत्पादन…THDC और महाराष्ट्र सरकार की पहल
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