Black and White@ Desk
Rishikesh: राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता एसोसिएशन ऋषिकेश ने सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रतीक कालिया ने कहा कि अभिकर्ताओं को समस्याओं से घबराना नहीं, बल्कि उनका मुकाबला करना है।

गुरुवार को देहरादून रोड स्थित एक होटल में आयोजित सम्मेलन में प्रतीक ने कहा कि मनुष्य कहानियों का संग्रह है। कुछ उलझने, तो कहीं जीत-हार का भी इसमें समावेश रहता है। कहानियां बुरे समय के लिए तैयार रहने का संदेश देती हैं। बेहतर कहानियां वह हैं, जोकि तकनीक से इतर मनुष्यों के अनुभव के इर्द-गिर्द बुनी जाती है। कालिया ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य में बौद्धिक संपदा होती है, लेकिन समय के साथ यह कम और खत्म भी हो जाती हैं। कुछ खास लोग इस ज्ञान की राशि को संकलित कर आगे बढ़ते हैं। बोले, मनुष्य का मस्तिष्क परिवर्तनशील है। इसे विचारों से पाला पोसा जाना चाहिए। एकांत गोयल ने कहा कि सभी अभिकर्ताओं और डाकघर कर्मचारियों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए, जिससे उन्हें कोई समस्या न आए।
सम्मेलन में अभिकर्ताओं को डाकघर विभाग के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किय गया। प्रतीक कालिया, एकांत गोयल, जितेंद्र सिंह पंवार, मानस वर्मा, अक्षत गोयल, संध्या बिष्ट गोयल, केके सचदेवा, अजय गुप्ता, अजय ब्रेजा, हंसराज मैंदोलिया, अनीता रैना को सम्मानित भी किया गया।
अभिकर्ता गौरव वर्मा, सुधा मेहरा, रीना ढींगरा, संगीता गुप्ता, शशि मिश्रा, गीता सचदेवा, गोल्डी ब्रेजा, शशि नौटियाल, सुमन गोदियाल,संगीता अग्रवाल, रिंकी सिंह, रविंद्र प्रकाश, परीक्षित मेहरा, रुचि गुप्ता,विशेष गोदयाल, शैली भटनागर, देवेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
