Crime editor@ DN
Dehradun: अंकिता भंडारी हत्याकांड में आंदोलन और आमरण-अनशन का मामला ऋषिकेश से राजधानी देहरादून तक पहुंच गया। कार्रवाई हुई, तो दो इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर को लापरवाही के आरोप में पुलिस कप्तान ने सस्पेंड कर दिया। 11 आंदोलनकारियों पर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया। पुलिस अधिकारियों पर आरोप नियमित निगरानी और समय पर सूचना उपलब्ध होने के बावजूद एक्शन नहीं लेने का लगा है।
सूत्रों के मुताबिक मामले में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने समय रहते स्थानीय और आला पुलिस अधिकारियों को इस बाबत सूचित किया था। बावजूद, न सिर्फ ऋषिकेश, बल्कि अनशनकारियों के रास्ते में पड़ने वाले थानों की पुलिस ने लापरवाही बरती। लापरवाही के आरोप में कैंट थाना से लेकर ऋषिकेश के प्रभारी तक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उपनिरीक्षक पर भी देहरादून के पुलिस कप्तान दलीप सिंह कुंवर ने एक्शन लिया।
दिलचस्प है कि अनशनकारी ऋषिकेश से लेकर राजधानी देहरादून में राजभवन के पास तक पहुंच गए। बावजूद, किसी भी पुलिस अधिकारी ने उन्हें रास्ते में नहीं रोका। जबकि, एलआईयू ने इस बाबत जिले के पुलिस अधिकारियों को इत्तला कर दिया था। एलआईयू की अनशनकारियों के देहरादून पहुंचने की सूचना के पुलिस के पास होने की पुष्टि एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने की है। ऐसे में एलआईयू की सूचना को दरकिनार करने से भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका को लेकर पुलिस की लापरवाही बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है।
ऐसी लापरवाही, तो खड़ी कर देगी मुसीबत….समय पर एक्शन होता, तो नहीं होता राजधानी में सियासी बवंडर
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