Crime editor@ DN
ऋषिकेश। नशा तस्करी में देहरादून की अदालत में सजा के बाद हाईकोर्ट से जमानत पर छूटा चंद्रेश्वरनगर निवासी हिस्ट्रीशीटर गुरूचरण फिर इसी काम में लग गया। स्मैक के साथ कुछ दिन पहले पुलिस ने एक युवक की गिरफ्तारी की, तो आरोपी ने स्मैक गुरूचरण से लाने की बात कही, जिसपर पुलिस ने मामले में उसे भी आरोपी बनाया। गुरूचरण की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। दबिश देकर पुलिसकर्मियों ने बामुश्किल बुधवार को आरोपी को घर के पास ही गिरफ्तार भी कर लिया।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर गुरूचरण उर्फ मुन्ना पुत्र स्व. सुभाष निवासी चंद्रेश्वरनगर पर ऋषिकेश, मुनिकीरेती और रायवाला थाने में एनडीपीएस एक्ट व आबकारी अधिनियम में कुल 43 मुकदमें पंजीकृत हैं। एनडीपीएस के एक मामले में हाल ही मे देहरादून की अदालत ने सजा सुनाते हुए अभियुक्त गुरूचरण को जेल भेज दिया था। अभियुक्त ने हाईकोर्ट से जमानत ली और फिर नशा बिक्री के अवैध कारोबार में जुट गया। एक 10 नवंबर को पुलिस ने 5.90 ग्राम स्मैक के साथ हरीश नेगी की गिरफ्तारी की। दावा है कि पूछताछ में हरीश ने गुरूचरण से स्मैक लाने की बात कही। सीओ डीसी ढौंड़ियाल ने बताया कि स्मैक बिक्री में नाम आने पर गुरूचरण को भी आरोपी बनाया गया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
यह ऐसा मुलजिम, जो मानता नहीं… 43 मुकदमे हैं दर्ज….सजायाफ्ता और अब फिर गिरफ्तार
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