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Rishikesh: हरिद्वार रोड स्थित एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फीटनेस जांच के लिए ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) निर्मित होने के बावजूद उसका संचालन नहीं होने समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर निजी परिवहन यूनियन भड़क गई हैं। सरकार से कई दफा मांग करने के बाद भी निस्तारण नहीं होने पर अब उत्तराखंड परिवहन महासंघ के बैनर तले 25 अक्टूबर को सांकेतिक चक्काजाम का निर्णय लिय गया है।

शुक्रवार को टीजीएमओ कार्यालय में उत्तराखंड परिवहन महासंघ सदस्यों की अहम बैठक आयोजित हुई। इसमें लालतप्पड़ में निजी ऑटोमेटिक टेस्टिंग लेन की बाध्यता को समाप्त करने की मांग उठी। सदस्यों ने एआरटीओ कार्यालय में निर्मित लेन के चालू होने तक पूर्व की भांति ही कार्यालय में फिटनेस की व्यवस्था लागू करने की मांग की। राज्य में आपदा व चारधाम यात्रा नहीं चलने का हवाला देते हुए वाहनों का एक साल का टैक्स माफ कर चालक-परिचालकों को भी आर्थिक मदद और सवारी वाहनों पर प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत टैक्स वृद्धि नहीं करने की भी मांग की। उन्होंने किराये के अनुसार ही टैक्स बढ़ोतरी का सुझाव दिया। इसके अलावा भी तीन अन्य मांगों को सदस्यों ने रखा। बताया कि इन मांगों से सरकार को भी विभिन्न माध्यमों से अवगत कराया जा चुका है।
सुबह से लेकर दोपहर तक चली बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 अक्टूबर तक सरकार मांगों को लेकर फैसला नहीं लेती है, तो 24 को बैठक कर 25 अक्टूबर को सभी परिवहन संस्था एक दिन का सांकेतिक चक्का जाम करेंगी। बावजूद, फिर भी सरकार पर असर नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन को चरणबद्ध ढंग से चलाने का भी निर्णय लिया। मौके पर महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय, टीजीएमओ अध्यक्ष जितेंद्र नेगी, यातायात के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड अध्यक्ष भूपाल सिंह नेगी, संजय शास्त्री, नवीन रमोला, कुंवर सिंह नेगी, योगेश उनियाल, जयप्रकाश नारायण, गणेश भट्ट, प्यारेलाल जुगरान, बिजेंद्र कंडारी, मुकेश तिवाड़ी, दिनेश बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
