Crime editor@ DN
Rishikesh: साल 2019 में एक लड़की ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता ने सौतेली मां पर मजबूरन खुदकुशी के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। बावजूद, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। चार साल तक पिता कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से लेकर सीओ और थानाध्यक्ष के दर पर चप्पल घिसता रहा, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मजबूरन पीड़ित पिता को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी, जिसके चलते अब पुलिस ने आरोपी सौतेली मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। रायवाला पुलिस के मुताबिक 28 मार्च 2019 को रायवाला निवासी निकिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर में उसका शव मिला, तो परिजनों ने आत्महत्या की बात कही। पिता परमेंद्र सिंह पुत्र चंद्र सिंह ने सौतेली मां विमला देवी पर बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के साथ क्रूरता का आरोप लगाया। 24 अप्रैल 2019 को सीओ ऋषिकेश को शिकायत दी। इसके बाद इसी वर्ष दो मई को एसएसपी देहरादून को भी शिकायत पत्र दिया, लेकिन कप्तान से लेकर सीओ ने कोई कार्रवाई नहीं की।
परमेंद्र के अनुसार उन्होंने फिर दोबारा 27 सितंबर को थानाध्यक्ष और एसपी को कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत पत्र दिया। फिर भी एक्शन नहीं लिया गया। कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित परमेंद्र न्यायालय की शरण में पहुंचे, जिसके बाद अब अदालत के आदेश पर रायवाला पुलिस ने विमला देवी निवासी ग्राम ग्वोलो, गोपेश्वर, चमोली के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ठोकरें खाकर भी मजबूर पिता को नहीं मिला इंसाफ…अदालत ने दिया साथ…सौतेली मां पर दर्ज हुआ मुकदमा
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